2026 में साइकिलिंग का बदलता स्वरूप: बजट की नई ऊंचाइयां और विन्गेगार्ड का ऐतिहासिक दांव

साइकिलिंग की दुनिया में आंकड़ों का यह खेल किसी पागलपन से कम नहीं है। क्या यह कोई बुलबुला है जो कभी भी फट सकता है? साल 2026 के लिए अनुमानित 663 मिलियन यूरो का बजट इस बात का गवाह है कि यह खेल अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मौजूदा हालात एक जानी-पहचानी तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन इसका पैमाना पहले से कहीं ज्यादा विशाल है। टीमों के बजट लगातार बढ़ रहे हैं, खिलाड़ियों के वेतन में इजाफा हो रहा है और पेलोटन की दिग्गज टीमों व सीमित संसाधनों वाली टीमों के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।

बजट में भारी उछाल और अमीरी-गरीबी की खाई

भले ही आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड टूर में 18 टीमें हैं, लेकिन यूसीआई (UCI) के अध्ययन ने 20 टीमों को आधार बनाया है। ला गजेटा डेलो स्पोर्ट की रिपोर्ट बताती है कि इसमें दो प्रो-टूर टीमें भी शामिल हैं, जिन्हें सभी बड़ी रेस में हिस्सा लेने की गारंटी मिली हुई है। अगर हम पारंपरिक 18 टीमों के नजरिए से देखें, तो कुल बजट जो 2023 में 473 मिलियन था, वह 2025 में 570 मिलियन और 2026 में 20 टीमों के साथ 663 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। यानी हर टीम का औसत बजट 31.6 मिलियन से बढ़कर 33.1 मिलियन हो जाएगा।

हालांकि, औसत आंकड़े अक्सर पूरी सच्चाई नहीं बताते। यूएई टीम अमीरात और विस्मा | लीज ए बाइक जैसी टीमें 50 मिलियन यूरो के करीब खर्च कर रही हैं, जबकि लिडल-ट्रेक, रेड बुल बोरा-हंसग्रो और इनियोस ग्रेनेडियर्स 45 मिलियन के आसपास हैं। यह वृद्धि वास्तविक तो है, लेकिन टीमों के बीच का आंतरिक अंतर इससे भी ज्यादा गहरा है। यही हाल महिला साइकिलिंग का भी है, जहां बजट 2023 के 46 मिलियन से बढ़कर 2026 में 80 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा वेतन है। 2026 में फ्रीलांस राइडर्स (जो अक्सर मोनाको या अंडोरा में रहते हैं) औसतन 654,000 यूरो कमाएंगे, जबकि कर्मचारी के तौर पर जुड़े राइडर्स की औसत कमाई 384,000 यूरो होगी।

विन्गेगार्ड की नई चुनौती: जिरो डी इटालिया पर नजर

इन बढ़ते बजटों और वित्तीय समीकरणों के बीच, खेल के मैदान पर भी एक बड़ी हलचल होने वाली है। डेनमार्क के स्टार साइकिलिस्ट जोनास विन्गेगार्ड 2026 में जिरो डी इटालिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। विन्गेगार्ड, जिन्होंने दो बार टूर डी फ्रांस और एक बार वुएल्ता आ एस्पाना जीता है, अब अपने करियर में उस एकमात्र ग्रैंड टूर को जीतने के लिए बेताब हैं जो उनकी झोली से बाहर है। अगर वह ऐसा कर पाते हैं, तो वह इतिहास के उन चुनिंदा सात राइडर्स की सूची में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने तीनों ग्रैंड टूर जीते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि विन्गेगार्ड यह उपलब्धि अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी, तादेज पोगाचार से पहले हासिल करना चाहते हैं। पोगाचार, जो पिछले दो वर्षों में बेहद प्रभावशाली रहे हैं, ने भी स्पेनिश राउंड (वुएल्ता) जीतने की इच्छा जताई है, लेकिन उन्हें इसकी कोई जल्दबाजी नहीं है। वहीं विन्गेगार्ड का लक्ष्य स्पष्ट है। उन्होंने पहले भी कहा था कि अगर उन्हें सिर्फ एक रेस जीतने का मौका मिले, तो वह जिरो को चुनेंगे। अब खबरें पक्की हो रही हैं कि वह 8 मई 2026 को बुल्गारिया से शुरू होने वाली इस प्रतिष्ठित रेस की स्टार्ट लाइन पर खड़े होंगे।

पोगाचार से आगे निकलने की होड़ और ‘डबल’ की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विन्गेगार्ड और जिरो के आयोजकों के बीच समझौता हो चुका है। इसकी आधिकारिक घोषणा 13 जनवरी को ला नुसिया में टीम विस्मा | लीज ए बाइक के प्रेजेंटेशन के दौरान की जाएगी। विन्गेगार्ड इस साल ‘जिरो और टूर’ दोनों में हिस्सा लेंगे यानी वह डबल करने जा रहे हैं। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या वह इस कठिन चुनौती के बाद भी टूर डी फ्रांस में पोगाचार को उनकी पांचवीं जीत हासिल करने से रोक पाते हैं या नहीं।

जब डेनिश मीडिया ने पोगाचार से पूछा था कि क्या वह विन्गेगार्ड के लिए जिरो का रास्ता साफ छोड़ देंगे, तो स्लोवेनियाई स्टार ने हंसते हुए कहा था कि वह कुछ भी गारंटी नहीं दे सकते। हालांकि, हकीकत यह है कि पोगाचार का ध्यान फिलहाल स्मारकों और टूर डी फ्रांस पर है, और शायद बाद में वुएल्ता पर, जिससे विन्गेगार्ड के लिए जिरो में मौके बन रहे हैं।

सितारों से सजी होगी जिरो डी इटालिया 2026

आगामी जिरो डी इटालिया सिर्फ विन्गेगार्ड के बारे में नहीं होगी, बल्कि इसमें कई अन्य बड़े नाम भी शामिल होंगे। स्पेन के एनरिक मास (मूवीस्टार टीम) भी जिरो में अपना डेब्यू करेंगे। इसके अलावा, यूएई टीम अमीरात की कमान जोआओ अल्मेडा के हाथों में होगी, जिनका साथ एडम येट्स और जय वाइन देंगे। 2023 के विजेता जय हिंदली और बेन ओ’कॉनर जैसे धाकड़ खिलाड़ी भी 8 से 31 मई तक चलने वाली इस ‘कोर्सा रोजा’ में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। जाहिर है, 2026 का साल साइकिलिंग जगत में पैसों की बरसात और खिताबी जंग, दोनों ही लिहाज से ऐतिहासिक होने वाला है।